हेयं दुःखमनागतम् ॥ १६॥
भविष्य के दुख से बचा जा सकता है

अष्टमंगल पीतल की पट्टी - शुभ प्रवेश ऊर्जा बार

SKU: VVL-YAN-002
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अष्टमंगल के 8 प्रतीक क्या हैं?

पीतल की पट्टी पर समृद्धि, शांति और दैवीय सुरक्षा के आठ पवित्र प्रतीक — शुभता का एक शाश्वत प्रतीक।

Specifications:

  • Country : भारत
  • Size ‏ : ‎ 3*3 इंच
  • Cover Material ‏ : ‎ पीतल
  • Item Weight ‏ : ‎ 25 ग्राम

Benefit :

  • सकारात्मकता, सद्भाव और सौभाग्य का स्वागत करता है।
  • बुरी नज़र और नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाता है।
  • प्रवेश द्वारों पर आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है।

Directions to Keep:

  • इसे मुख्य प्रवेश द्वार या फाटक के ऊपर लगाएँ। सुनिश्चित करें कि यह बाहर की ओर हो ताकि घर में समृद्धि का स्वागत किया जा सके।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1: अष्टमंगल पट्टी पर 8 प्रतीक कौन से हैं?
A: वे वैदिक परंपरा के 8 पारंपरिक शुभ प्रतीक हैं - जिनमें आमतौर पर स्वस्तिक, कलश, शंख, चक्र, ध्वज, मत्स्य, कच्छप और पद्म शामिल हैं - जिनमें से प्रत्येक समृद्धि या सुरक्षा का अपना अर्थ रखता है।

Q2: यह पूर्ण अष्टमंगल सेट से कैसे भिन्न है?
A: पट्टी एक पतला प्रवेश द्वार फिक्स्चर है जिसे दरवाजे के फ्रेम के साथ चलाने के लिए बनाया गया है, जबकि पूर्ण अष्टमंगल सेट एक अकेला टुकड़ा है जिसे दीवार या वेदी पर रखा जाता है।

Q3: पट्टी को गेट पर ठीक कहाँ लगाना चाहिए?
A: मुख्य प्रवेश द्वार के फ्रेम के शीर्ष के साथ, ताकि लोग इसके नीचे से गुजरते समय एक सुरक्षात्मक दहलीज का निर्माण करें।

Q4: क्या इस उपाय के लिए पीतल तांबे जितना प्रभावी है?
A: हाँ — पीतल अपने आप में एक पारंपरिक वास्तु धातु है और इस उद्देश्य के लिए तांबे के समान प्रतीकात्मक महत्व रखता है।

Q5: क्या इसे मुख्य द्वार के बजाय आंतरिक दरवाजे पर इस्तेमाल किया जा सकता है?

A: मुख्य द्वार पारंपरिक है, हालांकि कुछ घर इसे पूजा कक्ष के प्रवेश द्वार जैसे एक प्रमुख आंतरिक दरवाजे पर भी उपयोग करते हैं।