"शिव" — डॉ. जयश्री ओम की नई पुस्तक, जो भक्ति और वास्तु को जोड़ती है

डॉ. जयश्री ओम की नई पुस्तक "शिव" — हिंदी संस्करण का मुखपृष्ठ, भक्ति और वास्तु को जोड़ती एक यात्रा

"शिव गतिमान है, क्योंकि शिव अचल है।"

वैदिक वास्तु लिविंग की ओर से हमें अत्यंत हर्ष है यह साझा करते हुए कि डॉ. जयश्री ओम की नई पुस्तक "शिव" अब पाठकों के लिए उपलब्ध है। यह उनकी तीसरी स्व-रचित पुस्तक है, जिसमें उन्होंने भगवान शिव के साथ अपने व्यक्तिगत, आत्मिक संबंध और तेरह वर्षों के गहन अध्ययन व अनुभव का सार पाठकों के साथ साझा किया है।

एक पुस्तक से अधिक — एक भेंट

लेखिका के शब्दों में, यह पुस्तक कोई विद्वत्तापूर्ण ग्रंथ नहीं, बल्कि उस प्रेम की अभिव्यक्ति है जो काठमांडू में बिताए उनके बचपन के शांत क्षणों में उनके हृदय में प्रवेश कर गया और फिर कभी उन्हें छोड़कर नहीं गया। पशुपतिनाथ मंदिर की घंटियाँ, भस्म धारण किए साधु, बागमती नदी का तट — इन्हीं स्मृतियों से इस पुस्तक की नींव बनी है।

पुस्तक में क्या है

"शिव" पाठक को एक सहज, आत्मीय यात्रा पर ले जाती है — दर्शन से लेकर साधना तक:

  • आधार और संकल्प — लेखिका की अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत
  • शिव पुराण और पञ्चाक्षरी मंत्र — शास्त्रीय ज्ञान का सरल प्रस्तुतीकरण
  • शिव लिंगम और भगवान की पूजा-विधि — नंदी महाराज, कार्तिकेय, वीरभद्र, महाकाल जैसे शिव-परिवार व अनुचरों का परिचय
  • आरती, यंत्र और महामृत्युंजय मंत्र — साधना के व्यावहारिक साधन
  • मानसिक पूजा और श्री शिव मानस पूजा — भीतर की तीर्थयात्रा
  • शिव अष्टोत्तर शतनामावली और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — दैनिक साधना के लिए संदर्भ

पुस्तक के हर पृष्ठ का उद्देश्य लेखिका के शब्दों में स्पष्ट है: "जब आप इस पुस्तक के पन्ने पलटें, तो केवल पूजा की विधियाँ, मंत्र या नियम ही न सीखें, बल्कि भगवान शिव की उपस्थिति का अनुभव करें।"

वास्तु और भक्ति का संगम

जो पाठक डॉ. जयश्री ओम को वास्तु शास्त्र पर उनकी बेस्टसेलर पुस्तकों — प्राचीन वास्तु विज्ञान श्रृंखला — के माध्यम से जानते हैं, उनके लिए यह पुस्तक एक स्वाभाविक विस्तार है। वास्तु शास्त्र, जिसे भगवान शिव ने भगवान विश्वकर्मा के माध्यम से संसार को प्रदान किया, और स्वयं शिव भक्ति — दोनों एक ही स्रोत से उपजते हैं: जीवन में संतुलन, सजगता और दिव्यता का संचार।

पुस्तक विवरण

  • लेखिका: डॉ. जयश्री ओम
  • प्रथम संस्करण: 29-07-2026
  • आईएसबीएन: 978-93-6076-946-8
  • प्रकाशक एवं वितरक: वैदिक वास्तु लिविंग

पुस्तक प्राप्त करें

SHIV – A Journey of Inner Discovery Through the Wisdom of the Vedas अब वैदिक वास्तु लिविंग पर उपलब्ध है। अपनी प्रति आज ही आरक्षित करें और भगवान शिव के साथ अपनी आंतरिक यात्रा आरंभ करें।

पुस्तक में दी गई अभिषेकम विधि को दैनिक साधना में कैसे उतारें, यह पढ़ें: शिव बुक से मानसिक अभिषेक कैसे करें?

हर हर महादेव! 🕉️

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